अगर भग्वान मेरे सामने आकर
मुझे आकाश से धरती के बीच
होने वाले कोई चीज़ चुनने का वरण देतें तो
मेँ कोई नही चुन सकता क्यूँकी मेरे पास तो
तुम्हारी प्यार है ना
गुलाब तेरी ख़ुश्बू की याद दिलाती है
चाँद तेरी चेहरे की
बादल तेरी लंभी बालो की
और तुम्हारी हँसी
जिसमे मेरे मन बसी
हमारे प्यार की याद दिलाती है
2 comments:
hey!!kaun hai woh?!!!;)newayz..nice poem!!
main bhi usee ko dhoond rahaan hoon..
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