Wednesday, January 9, 2008

अगर भग्वान मेरे सामने आकर
मुझे आकाश से धरती के बीच
होने वाले कोई चीज़ चुनने का वरण देतें तो
मेँ कोई नही चुन सकता क्यूँकी मेरे पास तो
तुम्हारी प्यार है ना


गुलाब तेरी ख़ुश्बू की याद दिलाती है
चाँद तेरी चेहरे की
बादल तेरी लंभी बालो की
और तुम्हारी हँसी
जिसमे मेरे मन बसी
हमारे प्यार की याद दिलाती है

2 comments:

GAYATHRI said...

hey!!kaun hai woh?!!!;)newayz..nice poem!!

'Chrome'pettaikaran said...

main bhi usee ko dhoond rahaan hoon..